यूपी में जनगणना 2027 का रोडमैप तैयार, 22 मई से शुरू होगा मकानों का सर्वे, पहली बार मिलेगी स्व-गणना की सुविधा

लखनऊ

उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 के पहले चरण को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्‍होंने निर्देश दिए कि मकान सूचीकरण और गणना से जुड़े सभी प्रारंभिक कार्य 10 अप्रैल तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएं।

बैठक में महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण भी शामिल हुए। उन्होंने भी जनगणना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

पर्यवेक्षकों को 16 अप्रैल से 7 मई के बीच ट्रेनिंग
इस मौके पर मुख्य सचिव ने कहा कि यूपी में लगभग 5.5 लाख प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की तैनाती की जानी है, जिसके लिए उनका सत्यापित और ताजा डिजिटल डेटाबेस निर्धारित समय सीमा के भीतर तैयार किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से घनी शहरी बस्तियों, झुग्गी क्षेत्रों और अधिक गतिशील आबादी वाले इलाकों में सटीक और पूर्ण गणना सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को फील्ड में भेजने से पहले 16 अप्रैल से 7 मई के बीच अनिवार्य और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जाए।

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जनगणना के आंकड़े देश के विकास की दिशा तय करते हैं। यह विकास की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। सभी अधिकारी और कर्मचारी इसे जन-अभियान के रूप में संचालित करें ताकि सटीक और विश्वसनीय आंकड़े प्राप्त हो सकें।

तकनीकी सहायकों की होगी भर्ती
प्रशिक्षण से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं जैसे कक्ष, प्रोजेक्टर, जलपान और उपस्थिति शासनादेश के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं और यह प्रक्रिया 6 मई से पहले पूरी कर ली जाए। गोयल ने कहा कि गणना ब्लॉकों का सीमांकन स्पष्ट और त्रुटिरहित होना चाहिए। इसके लिए तकनीकी सहायकों की भर्ती शीघ्र पूरी कर जियो-टैगिंग और सीमांकन कार्य को मजबूत बनाया जाए।

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स्व-गणना की सुविधा भी रहेगी
मुख्‍य सचिव ने बताया कि इस बार जनगणना में आम नागरिकों के लिए स्व-गणना की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। उत्तर प्रदेश में स्व-गणना पोर्टल 7 मई से 21 मई 2026 तक सक्रिय रहेगा, जिसके माध्यम से नागरिक स्वयं अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।

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    उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी।
    डेटा संग्रहण, प्रविष्टि, सत्यापन और निगरानी सभी प्रक्रियाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित होंगी।
    पहले चरण में 22 मई से 20 जून 2026 तक मकानों की गणना की जाएगी।
    दूसरे चरण में 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक जनसंख्या गणना का कार्य संपन्न होगा।

 

 

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